हेल्थ इंश्योरेंस वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है

ऐसे में अगर आप अपने या परिवार के लिए मेडिकल इंश्योरेंस खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना जरूरी है

बाजार में अलग-अलग मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसीज हैं जो स्टूडेंट्स, कपल्स, यंग फैमिली, सीनियर सिटीजन, हार्ट डिजीज के मरीज, पुरानी बीमारी वालों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं. कैशलेस पॉलिसी ही खरीदें

मेडिकल इंश्योरेंस इमरजेंसी हालात के लिए ही लिए जाते हैं. कैशलेस सुविधा के तहत पॉलिसी होल्डर को हॉस्पिटल का बिल नहीं चुकाना होता है. वह इसके लिए सीधे इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क करता है.

रूम रेंट की कैपिंग पर विशेष ध्यान दें इसके अलावा हॉस्पिटल एक्सपेंस का कितना कवरेज मिल रहा है, डे-केयर ट्रीटमेंट की सुविधा कैसी मिल रही है, रूम रेंट, सब लिमिट जैसे विकल्पों पर गौर करने के बाद ही कोई पॉलिसी खरीदें.

NCB की मदद से सम अश्योर्ड बढ़ाएं सम अश्योर्ड बढ़ाने का एक तरीका है जिसे NCB (नो क्लेम बोनस) कहते हैं. अगर कोई पॉलिसी होल्डर किसी साल कोई क्लेम नहीं करता है तो इंश्योरेंस कंपनी उस पॉलिसी के लिए सम अश्योर्ड बढ़ा देती है, लेकिन प्रीमियम वही रहता है.

सम अश्योर्ड की यह राशि 5-50 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है. अलग-अलग इंश्योरेंस कंपनी के अपने-अपने नियम हैं.