थाईपूसम त्योहार दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला थाई, जो तमिल माह है और दूसरा पुष्य नक्षत्र है,  जिसे तमिल में पूसम कहा जाता है।

थाईपूसम का त्योहार तमिल सौर माह थाई में पड़ता है, जबकि अन्य हिन्दू कैलेंडर में थाई माह को मकर माह के रूप में जानते हैं।

पूसम नक्षत्र का आरंभ:  18 जनवरी,मंगलवार , प्रात: 04: 37 मिनट से 

थाईपूसम 2022 तिथि एवं मुहूर्त। 

पूसम नक्षत्र समाप्त: 19 जनवरी, बुधवार, प्रात: 06: 42 मिनट तक 

18 जनवरी, मंगलवार दोपहर 12: 10 मिनट से दोपहर 12:53 मिनट तक

शुभ मुहूर्त:

सर्वार्थ सिद्धि योग: 19 जनवरी, बुधवार, 06: 43 मिनट से 07:14 मिनट तक

यह त्योहार दक्षिण भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है।

थाईपूसम मुख्य रूप से तमिलनाडु तथा केरल में मनाया जाता है। इसके अलावा अमेरिका, श्रीलंका, अफ्रीका, थाइलैंड जैसे अन्य देशों में भी तमिल समुदाय द्वारा काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस दिन भगवान शिव के बड़े पुत्र भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की पूजा की जाती है।

ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान कार्तिकेय ने  ताड़कासुर और उसकी सेना का वध किया था। यहीं कारण है कि इस दिन को बुराई पर अच्छाई के जीत के रुप में देखा जाता है।

थाईपुसम का यह विशेष त्योहार थाई महीने के पूर्णिमा से शुरु होकर अगले दस दिनों तक चलता है। 

थाईपुसम त्योहार के बारे में अधिक जानने के लिए